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 हकीकत का खूबसूरत बयान - ऑडियो विज़ुअल द्वारा अभिव्यक्ति


यह एक सांसारिक ज्ञान बन चुका है और इतनी बेहतरी से हमारे मस्तिष्क में समा चुका है कि हम अधिकतर इसे बिना सोचे और पुष्ठी किये ही इससे आनंद का रस उठा लेते हैं.

कोशिश यही थी कि यह वाक्य मुश्किल न लगे.

विषय है- रात और दिन, प्रतिदिन, हर दिन भावनाओं एवं काल का 'तकनीकी इफ्फेक्ट्स' द्वारा प्रदर्शन' जो हमारे फिल्म कर्मी एक मनोहर अंदाज़ से प्रस्तुत कर देते हैं और जब तक हम समीक्षक या आलोचक नहीं हों, यानि आम जनता हों तब तक हम इस सब की जानकारी प्राप्त करना या उसका विश्लेषण करने या कर पाने के इच्छुक नहीं बन पाते. यहाँ एक और विचार मन में आता है, अंग्रेजी में जो शब्द है, 'critical appreciation', वो भी अक्सर टेक्नीकल ही रह जाता है हम सभी की तरफ से.

मेहनत पर जोर दें तो पता चलता है, कि जन संचार के ये माध्यम इतने प्रभावशाली और महत्वपूर्ण हैं कि इनके बिना इंसान का मनोरंजन और ज्ञानवर्धन दोनों ही अधूरे रह सकते हैं. उम्मीद है कि इस विचार या टिपण्णी से ज़्यादातर लोग सहमत होंगे.

F-100, Profit Centre, Mahaveer Nagar, Kandivali (W), Mumbai-67


सुप्रिया आसोपा सक्सेना

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