back dated 2011- 14
विनम्रता की कसौटी कई पल खूबसूरत होते हैं और अनेकों हम खूबसूरत बना सकते हैं. यह तो काफी जानी मानी अभिव्यक्ति है. खासतौर से यह ही विचार है जो हमारी विज्ञापन की दुनिया में प्रायः हर युक्ति के साथ प्रस्तुत किया जाता है. शायद यही एक सृष्टि का गौरवान्वित रूप या हिस्सा है जो सभी के मन में बस्ता है और सभी के कर्म का हिस्सा बन कर उपियोगी सिद्ध होता है. खूबसूरती की बहिनें भी हैं- स्वेच्छा, सबसे बड़ी बहिन, आशा मंझली और खूबसूरती से छोटी विनम्रता. विनम्रता है सबसे छोटी पर सबसे ज्यादा बलवान भी है - तन मन धन से सर्वगुण संपन्न. स्वेच्छा थोड़ी हठी है, आशा एक हद तक शांत है, खूबसूरती जागरूक है और विनम्रता, सबसे छोटी है इसलिए आसानी से अदृश्य रह जाती है. ज्यादा बातें नहीं करती पर बेहद नेक और व्यवाहारिक है. इसलिए हम सभी के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक साबित हो जाती है. सभी बहनें हमारे जीवन में खुशियों का उजाला लाती हैं, और इनके बिना हमारा जीना थोडा कठिन हो जाता है. पर क्योंकि जीवन जीना इनके बिना आसान नहीं हैं, हम सभी प्राणी समय समय पर इनका और इनसे मिले हुए लाभ का सदुपियोग करने में नहीं चूकते हैं. विनम्रता ...